वर्ष 2023 और 2024 में सड़क के गड्ढों के कारण 4,546 लोगों की मौत और 9,952 लोग घायल हुए, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव एवं मरम्मत पर 16,011 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इतने बड़े खर्च के बावजूद सड़कों का जानलेवा होना और पीड़ितों को मुआवजा दिलाने व जिम्मेदारी तय करने का मामला माननीय उच्चतम न्यायालय तक पहुँचना सरकार की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस मामले का माननीय उच्चतम न्यायालय पहुँचना स्वागतयोग्य कदम है। उम्मीद है कि 25 नवंबर को होने वाली सुनवाई के बाद जिम्मेदारी तय करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।