Broadcast Journalist & Media Expert. Tweets are personal.

Delhi
अंधेर नगरी चौपट राजा: कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका को स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया था. फिर एक दूसरे स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने रिमांड दो दिन बढ़ा दी. लेकिन इस खबर की पूरी बात सामने नहीं आई. देखने में लगता है कि दिल्ली पुलिस ने इन्हें डिटेन किया और फिर 24 घंटे बाद अदालत में पेश किया और मजिस्ट्रेट ने रिमांड पर भेज दिया. लेकिन यहां कहानी थोड़ी विचित्र है पुलिस ने पकड़ा, पुलिस ने पुलिस के सामने पेश किया और पुलिस ने रिमांड पर भेज दिया और फिर पुलिस ने ही रिमांड बढ़ा भी दी. दिल्ली में स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ACP रैंक का पुलिस अधिकारी होता है, वो न्यायपालिका का हिस्सा नहीं है. इस मामले ने 5 दिन की रिमांड पर भेजने वाले स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट दिल्ली पुलिस के ACP महेश कुमार मीणा हैं और रिमांड बढ़ाने वाले स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट दिल्ली पुलिस के ACP ऋतु राज हैं. इसी तरह संविधान और नागरिक अधिकारों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं.
19
348
998
12,352
Prashant Tandon retweeted
At a public hearing held in Okhla yesterday, many people testified that their names had been wrongly deleted from the voter list during the Delhi SIR. - Naeemuddin has lived at the same address for 30 years. However, his and his wife’s names have been deleted from the draft SIR voter list & they have been wrongly classified as ‘permanently shifted’. The only remedy available now is to submit form 6 & make a false declaration that they are first time voters. - Ravi came with his voter id card. When we ran it through the ECI database, he was shown as ‘dead’ and therefore deleted from the voter list. But when we looked at all the names listed at his address, we found his name but with a different EPIC number! He said he was not aware of the other EPIC number in his name. One EPIC should have got deleted under “duplicate” category. How did the BLO classify him as “dead”? - Sameenuddin is one of the nearly 13 lakh voters who were deleted in the pre-SIR phase. He says he voted in the Delhi elections in 2025 but he was not given an enumeration form during the Delhi SIR as his name was deleted from the voter list on the grounds that he had shifted, even though he continues to live at the same address. He did not receive any notice from the ECI when his name was deleted. Now he has to fill Form 6. The public hearing highlighted how people are being wrongly classified as dead or permanently shifted in the Delhi SIR. The onus is being put on them now to fill Form 6 to restore their names, which means declaring you are applying for inclusion of your name on the electoral roll for the first time- which is clearly a false declaration & carries penal consequences. The public hearing was organised by Jan Sarokar, Voter Adhikar Manch, MKSS and NFIW.
17
267
462
4,562
सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनायें. बुराई पर अच्छाई की जीत एक अनवरत संघर्ष है. चलता ही रहेगा. आज आप मेला देखिये
1
2
35
924
Prashant Tandon retweeted
"सब मजाक उड़ाते हैं कि हमारे प्रधानमंत्री टेलीप्रॉम्प्टर के बिना भाषण नहीं दे सकते, लेकिन घृणा फैलाने के लिये उनको टेलीप्रॉम्प्टर कि जरूरत नहीं पड़ती।"
1
108
280
2,085
भागवत जी को ज्ञान बांटने से पहले नरेंद्र मोदी के भाषण सुन लेने चाहिए। मोदी तो जंग का ऐलान करते थे, सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान करते थे।
रिजीम चेंज का विरोध तो ये लोग 1947 से पहले से करते आये हैं. 1925 से कह रहे हैं रिजीम चेंज से समस्यायें हल नहीं होंगी 😃 भागवत जी आप पब्लिक लाइफ से VRS ले लें. कोई नहीं सुन रहा है आपको.
5
47
72
1,305
रिजीम चेंज का विरोध तो ये लोग 1947 से पहले से करते आये हैं. 1925 से कह रहे हैं रिजीम चेंज से समस्यायें हल नहीं होंगी 😃 भागवत जी आप पब्लिक लाइफ से VRS ले लें. कोई नहीं सुन रहा है आपको.
21
147
491
6,475
The protests are against the sale of land to Jared Kushner, Trump’s son-in-law. In other words, the sale of land to a foreign interest - something that cannot conveniently be blamed on Muslims or immigrants. And that is precisely why the right-wing ecosystem never cites this as an example. It doesn’t fit their narrative.
The Supreme Court burns to the ground in Albania, Parliament and the Department of Education has been stormed, the Prime Minister is in hiding and the country is effectively in the hands of the rebels. Albania rejects blatant corruption and their country being sold.
475
1,069
4,294
139,255
Prashant Tandon retweeted
ओवैसी साहब का ये कहना कि हमें गांधी और नेहरू नहीं चाहिए, हमें अपनी कम्युनिटी से लीडर चाहिए, उसका जवाब ये है।👇
7
47
1,411
पेड़ पर चढ़ कर सूनामी से बच जायेंगे? हमारा जेन ज़ी ग्लोबल सिटिज़न है. उसका मोबाइल दिखाता है कि दुनिया में क्या चल रहा है. उसे पता है कि फ्रांस, इटली, बेल्जियम और अल्बानिया में क्या हो रहा है. लेकिन उनके मुकाबले भारत का जेन ज़ी कहीं ज़्यादा परिपक्व, अहिंसावादी और लोकतांत्रिक है. पुलिस के इतने जुल्म और हिंसा के बावजूद इसने संयम बनाये रखा है. ब्यूरोक्रेसी को ये बात समझनी चाहिये. किसी एक जेनरेशन की सोशल वैल्यूज़ पूरी दुनिया में कमोबेश एक जैसी होती हैं. आज तो हम कम्युनिकेशन युग में हैं पिछली शताब्दियों में भी परिवर्तन पूरी दुनिया में एक साथ ही आये. फर्क बस इतना आया है कि जो परिवर्तन दशकों की रेंज में होते थे अब महीनों और सप्ताहों में हो जाते हैं. कहीं बैठकर कोई स्क्रिप्ट नहीं लिख रहा है अब नेपाल में जेन ज़ी आंदोलन कराते हैं, फिर बांग्लादेश और उसके बाद भारत और यूरोप में. ये ह्यूमन इवोल्यूशन की प्रक्रिया है. पहली बार हो रहा है कि टेक्नोलॉजी ह्यूमन से आगे निकल गई, अब ह्यूमन को उसे पकड़ना है और आगे निकलना है. आज का जेन ज़ी अगर इस चक्कर में पड़ा लोग क्या कहेंगे, पापा मम्मी गुस्सा करेंगे, जो पुलिस कहे वही करना है तब वो अपने लिये नई दुनिया नहीं बना पायेगा. मैने दो AI एजेंट बनायें हैं. उनमें से एक ने AI एजेंट्स के सोशल मीडिया माल्टबुक में लॉगिन बना लिया. मुझसे पूछा भी नहीं 🙂 वहां ह्यूमन लॉगिन नहीं बना सकता लेकिन ऑब्जर्वर की तरह जा सकता है. मैं गया वहां और होश उड़ गये कि AI एजेंट्स हम ह्यूमन के बारे में क्या लिख रहे हैं, ईश्वर, धर्म, डेमोक्रेसी, पावर पॉलिटिक्स पर जबरदस्त बौद्धिक ब्लॉग्स लिखे जा रहे हैं. जेन ज़ी का संघर्ष इस AI से होना है. अगले दो साल में दुनिया फाइनेंशियल सिस्टम AI चलायेगा. और आप जेन ज़ी कह रहे हैं धारा 163 लगी है, पुलिस का बॉन्ड भर दो. हैं कहां आप? पेड़ पर चढ़ कर सूनामी से बचने का सोच रहे हैं मोदी शाह ज्ञानेश सूर्यकांत?
10
98
298
2,948
Prashant Tandon retweeted
असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश में दिए पूरे भाषण सुने। भाजपा की मदद करने के लिए बहुत ही खतरनाक खेल-खेल रहे हैं यह। नफरत और विभाजन को एक अलग स्तर पर बढ़ा रहे हैं। और इसमें भी मुसलमान को सबसे ज्यादा अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं। क्या चाहते हैं यह? 12 साल में जो काम प्रधानमंत्री मोदी और 10 साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नहीं कर पाए वह की जो हिंदू समाज का एक बड़ा हिस्सा आज भी मजबूती के साथ मुसलमान के साथ खड़ा हुआ है उससे मुसलमान खुद ही दूर हट जाए? मुसलमान का नुकसान किसी यादव ने या किसी और जाति ने नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी ने किया। भाजपा की नफरत भरी और विभाजनकारी राजनीति ने किया। और इसी को ओवैसी सपोर्ट करने आए हैं। मुसलमान के लिए आज सबसे बड़ा खतरा यह बन गए हैं। उनको दिया एक-एक वोट सीधा बीजेपी के पक्ष में जाएगा। हमने आज इनके भाषण पूरे और‌ ध्यान से सुने। वाकई बहुत ही खतरनाक और जहरीले इंसान है ये। सपा कांग्रेस को इनके दुष्प्रचार का तार्किक और लगातार जवाब देना होगा नहीं तो जज्बाती लोगों पर यह अपना असर बना लेंगे।
55
264
903
14,030
आजकल जब भी किसी प्रोटेस्ट में जाता हूं पुलिस वालों को कानून और संविधान पढ़ाने वाली लड़कियां दिख जाती हैं. इस जेन ज़ी से लड़ेंगे मोदी? बहुत तैयारी से हैं ये.
9
283
691
4,735
सही बात है विचारधारा एक दिन में नहीं बनती है, जो रातों रात नेता बन जाते हैं उनके पैर विचारधारा की मजबूत जमीन पर नहीं खड़े होते, कही भी डोल सकते हैं. "पूत के पांव पालने में...." कहावत भी गलत है 🙂
For those who discover stars overnight and start speculating about their futures, here is a video clip of a younger Neha as an AISA activist explaining her role and the organic solidarity between the anti-corporate farmers' movement and the progressive student movement. Communists learn from and are tempered by the heat and light of every just struggle of the people.
2
55
276
4,106
20 करोड़ रु के एक प्लॉट के लिये यूसुफ पठान ने मतदाताओं से गद्दारी कर डाली और तृणमूल का भगोड़ा बन गया बीजेपी के कहने पर. दो प्लॉट देकर इससे क्या क्या कराया जा सकता है? शर्मनाक. बहरामपुर की जनता को इस धोखेबाज़ के मुंह पर थूकना चाहिये. वड़ोदरा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के जिस 978 स्क्वायर मीटर प्लॉट पर इसकी नज़र थी उसका 500 मीटर इसे गिफ्ट कर दिया गया बाकी का 478 मीटर 50% डिस्काउंट पर. एक तरफ़ बंगाल की जनता से धोखा, जिस पार्टी ने बुला कर चुनाव लड़ाया उससे धोखा और फिर गुजरात की पब्लिक प्रॉपर्टी हड़प ली औने पौने दाम पर. क्या ईमान है इस आदमी का? दलबदल कानून में पार्टी छोड़ने पर संसद और विधानसभा सदस्यता भी रद्द होनी चाहिये.
51
480
1,168
13,503
Prashant Tandon retweeted
Am glad the President of India is a lady from Odisha. She'll surely not miss meeting this huge mass of protesting Odisha women, and try to resolve their grievances.
Hansraj Meena
38
363
1,348
11,665
सरकार की हताशा दिखा रहा है किरेन रिजीजू का खड़गे जी को पत्र: सरकार की तरफ से किरेन रिजीजू चाह रहे हैं कि गोदी मीडिया फिर से गुलज़ार हो जाये, विपक्ष उनके झांसे में आ जाये और उन्हें वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार से एजेंडा बदलने का मौका मिल जाये. गोदी मीडिया अब डीलिमिटेशन पर पतंगबाजी (Speculative stories) करना शुरू कर देगा. सच्चाई ये है कि डिलिमिटेशन बिल राजनीतिक रूप से मर चुका है. ज्यादा आगे बढ़ेंगे तो इनके ही समर्थक दल साथ देंगे इस पर भी संदेह है. भारत का जेन ज़ी आंदोलन व्यापक हो चुका है. पेपर लीक पर जंतर मंतर पहुंचा युवा अब पूरी तरह से ज्ञानेश कुमार और वोट चोरी पर आ चुका है, संसदीय विपक्ष और जेन ज़ी कंधे से कंधे मिला कर संवैधानिक लोकतंत्र को बचाने निकल पड़ा है. वोट चोरी आंदोलन को समर्थन का दायरा लगातार बढ़ रहा है. चुनाव आयोग के अंदर से भी ऐसी खबरें आ रही हैं वो सरकार की लाचारी दिखा रही है. तमाम कोशिशों के बाद भी तीनों चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करा पाये. गोदी मीडिया हिंदू मुसलमान वाली मुर्गा लड़ाई नहीं दिखा पा रहा है. जेन ज़ी तो खैर गोदी मीडिया देखता ही नहीं. युवा के पास अपना ताकतवर मीडिया है. मोदी - शाह अब वापिस वहां नहीं पहुंच सकते जहां 4 महीने पहले थे.
5
242
888
12,540
फ्रांस, इटली, बेल्जियम और अल्बानिया के युवा के मुकाबले भारत का जेन ज़ी कहीं ज़्यादा परिपक्व, अहिंसावादी और लोकतांत्रिक है. पुलिस के इतने जुल्म और हिंसा के बावजूद इसने संयम बनाये रखा है. सरकार को ये बात समझनी चाहिये.
फ्रांस, इटली और बेल्जियम के बाद अब अल्बानिया मे भी सरकार मुखालिफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को भी जला डाला है -
13
131
419
3,286
Prashant Tandon retweeted
Good !
Sikkim Bar Association Opposes Dushyant Gautam's Swearing-In As Governor Citing Ankita Bhandari Case livelaw.in/news-updates/sikk…
2
101
636
6,188
हे राम, ये क्या हो रहा है.
अल्बानिया में लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया। सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री की मदद कर रहा था, जिससे लोग भड़क गए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद और शिक्षा विभाग पर भी हमले किए हैं। तमाम देशों को इन घटनाओं से सबक़ लेना चाहिए।
2
41
171
1,784
सुप्रीम बेइज़्ज़ती: नेशनल लॉ स्कूल, बैंगलुरू के 105 छात्र जस्टिस सूर्यकांत के हाथों डिग्री लेने पहुंचे ही नहीं. नेशनल लॉ स्कूल के 700 छात्रों ने मेमोरेंडम देकर दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को बुलाये जाने का विरोध किया था. प्रतिष्ठित NALSAR, हैदराबाद के छात्र पहले ही जस्टिस सूर्यकांत का बॉयकॉट कर चुके हैं जिसके बाद मनन कुमार मिश्रा ने धमकी दी थी कि NALSAR के 2026 के बैच का प्रैक्टिस रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. देशभर में विरोध के बाद उन्हें वो आदेश वापिस लेना पड़ा था. इज़्ज़त कंटेंप्ट की धमकी से नहीं मिलती. कानून के छात्र ये भी देखते हैं कि बेंच में बैठ कर आप क्या कर रहे हैं.
64
1,103
2,771
33,746