अब बहुत जल्दी सूर्यास्त होने लगा है , कुछ समय पहले तक मैं प्रतिदिन शाम को 6:30 बजे घूमने जाता था.।
अब 6 बजते ही अंधेरा हो जाता है , मौसम परिवर्तन का एहसास कुछ यूं हो रहा है कि अब जल्दी ही दिन छोटे और रातें बड़ी होंगी.।
नवरात्रि के बाद वैसे हल्की ठंढ की आहट होने लगती है, लेकिन दीपावली से तो कहते हैं ठंढ दस्तक दे ही देती है.।