सत्रह वर्ष की आयु में प्रशिक्षण पोत राजेन्द्र से समुद्री जीवन आरम्भ कर अट्ठाइस वर्ष की आयु में इन्द्र के वंशज, देवतुल्य, पूज्यनीय, माननीय, आदरणीय कप्तान साहब ने जहाज़ की कमांड ले ली थी और तीस पर तिलचट्टे अपने आप को बच्चा कह रहे हैं, कैसी निकम्मी युवा पीढ़ी है इनकी🙄😐😑