रावण दिन में 6 बार कपड़े बदलता। तरह तरह की भेषभूषा धारण करता। मोर बत्तखों को खिलाता, फिर उन्हें खा जाता।
#जय_लंकेश
रावण तीन तीन दिनों तक शौचालय नहीं जाता था।
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रावण के खास मित्र द्विलिंग ने कभी लंका को Filthy नहीं कहा था। ना ही लंका पर टैरिफ बढ़ाया।
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रावण रात को बारह बजे आकर अपनी नाक के बाल दिखाकर बच्चों को डरा कर कहता " कैसे हो प्रिय मित्रों"
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रावण अपने देश के गरीब प्रांत में म्लेच्छ भाषा में विदेश में संस्कृत मै भाषण देता था।
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रावण को उसके देश के बच्चे खूब प्रेम करते थे और चवन्नी वाले घोड़े का गीत उसकी शान में गाते थे
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रावण हंसते समय सांस रोकर खींचकर हंसता था।
#जय_लंकेश
विदेशी लोग रावण का उसी के सामने मज़ाक भी उड़ाते तो रावण बिना मतलब जाने खूब खुश होकर जोर से हंसता था।
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रावण ने कई समाचार वाचिकाओं और वाचकों को अपने मल को मिठाई साबित करने का ठेका दे रखा था। ये सभी वाचक और वाचिकाएं दिन रात इस कार्य को तन्मयता से करते।
एक वाचिका तो रोज पूछती ,आप इतना हगते हैं, आप थकते क्यों नहीं?
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रावण अपने पालतू केंचुआ से अपने विरोधी मतदाताओं को डसवाता था।
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रावण ने अपने मंत्रिमंडल में एक अभिनेत्री को रखा था, जो पहले शिक्षा फिर वस्त्र उद्योग को डकार गई। इससे प्रेरित हो कई चुड़ैल अभिनेत्रियों ने रावण का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए उटपटांग हरकतें शुरू कर दीं, कोई कंगना बजाने लगी तो कोई पायल।
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रावण के जीते जी उसका पुतला कभी नहीं जलाया गया।
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सोचो! अगर रावण ने लंका का सोना बेच दिया होता तो?
सोचो सोचो, सोच कर सोचो।
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रावण की हिमाचल में एक बार खूब पिटाई हुई थी।
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सीता हरण के लिए रावण ने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली थी।
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रावण भी अपने कुल, जाति पर कलंक था।
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समय के अनुसार रावण खुद को कभी ब्राह्मण कभी राक्षस घोषित कर देता था।
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कोई देखने नहीं गया था,लेकिन रावण कहता था कि वो जंगल में रहकर भीख मांगकर तपस्या करता था।
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रावण भी झोला उठाकर फ़क़ीर बनकर घूमने का शौकीन था।
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रावण पूरी दुनिया के आजतक के इतिहास में
#सम्पूर्ण_राजनीति_विज्ञान में परस्तानक होने वाले 2 लोगों में से पहला बंदा था।
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रावण एक महान गणितज्ञ, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, युद्ध कला विशेषज्ञ, अंतरिक्षविज्ञान ज्ञाता था। ये सब उसमें पहाड़ी बूटी खींचने के बाद से भर भर के बरसता था।
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रावण के अंधबत्तखो की कमी न तब थी न अब है।
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रावण का भाई कुम्भकर्ण 6 साल नहीं 6 महीने सोया रहता था और लोकपाल लाओ की जगह द्वारपाल भोजन लाओ चिल्लाता था।
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रावण ने मरते समय लक्ष्मण को प्रवचन देकर अपनी मन की बात का आखिरी एपिसोड पूरा किया।
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जबतक बरबाद होकर लंगोट पर नहीं आ गए तब तक रावण के अंधबत्तख लंकानिवासी
#जय_लंकेश जय लंकेश का नारा लगाते रहे
रावण ने अपने गुरू और दादा पुलस्त्य ऋषि को बहुत कष्ट दिया और असुरों के गुरु योगगुरु एक आंख वाले शुक्राचार्य के साथ मिलकर खूब तबाही मचाई।
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रावण का राजस्थान से नाता था। सच में यार! मंदोदरी वहीं की थी।
बिहार ,बंगाल, महाराष्ट्र, आकाश पाताल सबसे नाता था।
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रावण ने अपना प्रवक्ता एक मूर्ख फ़र्ज़ी वैद्य को रखा था, जो हर जगह उछल कूदकर लोगों का मनोरंजन करता था। वह रावण को अपना बाप बोलता था।
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रावण को सभी घोड़ों हाथियों के माँ का जन्मस्थान मुँह ज़ुबानी याद था।
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रावण सेना में एक ममित आलवीय नामक दैत्य ने राम लक्ष्मण को भिखारी, डरपोक, दर दर भटकने वाले संन्यासी और हनुमान को साधारण बंदर कहके प्रचारित किया था।
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रावण स्त्रियों को देखकर उन्हें लगातार घूरता रहता था। (कल्पना के लिए आप बिलकुल रेफरेंस में वो तुर्की, जर्मन, अमेरिका इत्यादि वाले दृश्य सोच सकते हैं।)
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विभीषण द्वारा रावण को सत्य समझाने पर रावण और उसकी ट्रोल सेना ने कहा, पाकिस्तान चले जाओ।
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रावण के पास छाया राक्षसी नामक राडारनी थी, जो क्लाउड के ऊपर उड़ते हुए जहाज़ को नहीं पकड़ पाती थी।
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रावण को कुकर्मों के कारण पाताल लोक में घुसने नही दिया। फ़िर लंकेश बनने के बाद वो हर महीने वहाँ बहाना बनाकर पहुँच जाता। वहां के राजाओं को जबरदस्ती गले लिपट जाता।
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रावण ने लंका की लंका लगा डाली थी।
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रावण जब फेंकता था, तो सहस्त्र योजन जाकर गिरता था, भाला।
जय_लंकेश
रावण उस ज़माने में भी कम्प्यूटर और डिजिटल कैमरे से खेलता था। ईमेल भेजता था।
जय_लंकेश
रावण बचपन में मगरमच्छ पकड़ कर लाया था ,जिसे समुद्र में छोड़ दिया और उसने हनुमानजी का पसीना पी लिया था।
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